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DOSTI
दोस्ती का सबब चाहो गर पूछना , तो पूछो तुम ख़ुद से . दोस्ती से अच्छा रिश्ता, इस जहाँ मैं कोई होता नही . गर मिल जाए केवल , एक दोस्त इस ज़िंदगी मैं, तो ज़िंदगी भर , आदमी तन्हा होता नही.
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गर रिश्तों मैं कर सको दोस्ती पैदा, तो ज़िंदगी सुकून से बीत जाएगी, गर दोस्ती को रिश्तों मैं बाँधोगे, तो ज़िंदगी यूँ ही रीत जाएगी..
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